Damrua

क्या खनिज विभाग गुडेली के अवैध खनन को रोकने के बजाय माफियाओं के सामने नतमस्तक हो चुका है?

खनिज विभाग

Sarangarh News:गुडेली, जो कि सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले का एक छोटा सा हिस्सा है, इन दिनों एक ऐसे मुद्दे से चर्चा में है, जिसे देख कर न केवल स्थानीय लोग बल्कि पूरे प्रशासन को शर्मिंदा होना चाहिए।यहां के खदानों में हो रहे अवैध खनन का मामला अब कोई नई बात नहीं रह गया है। यह वर्षों से जारी है, लेकिन खनिज विभाग की खामोशी और माफियाओं के हाथों की सफाई देखकर लगता है कि इसे रोकने की कोई ठोस योजना नहीं है। सवाल ये है कि जब यह समस्या इतनी गंभीर हो चुकी है, तो क्या खनिज विभाग इस पर कार्रवाई करने का साहस दिखा पाएगा या फिर वे माफियाओं के सामने चुपचाप बैठे रहेंगे?

 

गुडेली में अवैध खनन: एक खामोश तमाशा

गुडेली के खदानों से बिना किसी रॉयल्टी के पत्थर निकाले जा रहे हैं, और इनका उपयोग क्रशर उद्योगों में हो रहा है। लेकिन सरकारी खजाने का जो नुकसान हो रहा है, वह किसी को दिखाई नहीं दे रहा है। लाखों टन पत्थर बिना किसी नियंत्रण के अवैध रूप से बेचे जा रहे हैं, और खनिज विभाग खड़ा है, जैसे वह देख कर भी नहीं देखता। यह न केवल राज्य को करोड़ों का नुकसान पहुंचा रहा है, बल्कि पर्यावरण को भी भारी नुकसान हो रहा है। खदानों से हो रही खुदाई से भूमि का कटाव, जलवायु परिवर्तन और प्रदूषण जैसी समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं, लेकिन कोई इस पर ध्यान नहीं दे रहा है।

 

खनिज माफियाओं की अजेय ताकत

अब सवाल यह उठता है कि खनिज विभाग क्या कर रहा है? इन माफियाओं की ताकत दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है। खदान मालिक, ट्रांसपोर्टर और स्थानीय प्रभावशाली लोग मिलकर इस अवैध नेटवर्क को चला रहे हैं, और खनिज विभाग की आँखों में धूल झोंकने में सफल हो रहे हैं। वे लगातार सरकारी नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं, और विभाग चुपचाप यह सब देख रहा है। क्या यह विभाग माफिया के सामने इतना कमजोर हो चुका है? यह स्थिति अब किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है, और विभाग को अब इस पर कड़ी कार्रवाई करनी ही चाहिए।

 

खनिज विभाग लापरवाही: कार्रवाई कब होगी?

यहां सवाल यह है कि क्या खनिज विभाग ने अपनी आंखों पर पट्टी बांध ली है? खनिज विभाग को पूरी जानकारी है, वे जानते हैं कि गुडेली में क्या हो रहा है, लेकिन फिर भी कार्रवाई नहीं हो रही। क्या विभाग इतनी बड़ी समस्या को नज़रअंदाज़ कर सकता है? क्या इसके लिए वे माफियाओं से डरते हैं या फिर यह खनिज विभाग की लापरवाही है? यह सवाल बेहद गंभीर है और इसका उत्तर खनिज विभाग को देना ही होगा।

 

आखिर कब जागेगा खनिज विभाग?

यह समय है जब खनिज विभाग को अपनी कार्यप्रणाली में बदलाव लाना होगा। अब तक की खामोशी से यह स्थिति और भी बिगड़ी है। अगर विभाग इस पर तुरंत कार्रवाई नहीं करता, तो यह न केवल गुडेली, बल्कि सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के लिए एक गंभीर खतरे का कारण बन सकता है। अवैध खनन को रोकने के लिए एक सख्त नीति की जरूरत है, जिसे तुरंत लागू किया जाना चाहिए। खनिज विभाग को माफियाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी होगी और गुडेली में हो रहे अवैध खनन को पूरी तरह से खत्म करना होगा।

 

यह वक्त है, जब खनिज विभाग को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी और गुडेली में हो रहे अवैध खनन को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने होंगे। अगर ऐसा नहीं किया गया, तो आने वाले समय में इसका नुकसान सिर्फ जिले के आर्थिक भविष्य को ही नहीं, बल्कि पर्यावरण को भी होगा।

 

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